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शुक्रवार, 4 सितंबर 2009

मेरे प्रारम्भिक अनुभव

दिसम्बर २००६ को मैंने अपने ब्लॉग को ब्लॉगर पर रजिस्टर कराया  था . उस समय पता नहीं था कि हिंदी में भी ब्लॉग्गिंग प्रारंभ हो गयी है. नाम जरूर हिंदी में रखा था  "संस्कृति " उस पल में न जाने कौनसा विचार था जिसने इस नाम को सामने किया . आज देखें तो हम इसी पर विचार कर रहे हैं . कुछ इसे कविता  के रूप में कोई कहानी  के रूप में  . सभी अपना योगदान कर रहे हैं छोटे बड़े रूप में अपनी अपनी तरह से .
 मेरी मुलाकात  हुई एक कांफेरंस के सिलसिले में अनिल पुसदकर से हुई  कई बार चर्चाएं हुईं . डॉ अजय सक्सेना जो माध्यम हुए इस मुलाकात  के, ने मुझे सुझाव दिया अपना ब्लॉग लिखने  के लिए . ध्यान आया मैंने एक ब्लॉग तो रजिस्टर किया था . जाकर देखा तो वह अपनी जगह था शायद मेरी राह देखते हुए :) फिर तो जो सिलसिला शुरु हुआ जारी है. अनिल ने मुझे अपने ब्लॉग के जरिये सामने रखा ब्लॉगजगत के http://anilpusadkar.blogspot.com/2009/04/blog-post_05.html  नए दूर और पास के लोगों से जानकारी मिलने और सम्पर्क करने का . कुछ मौके ऐसे भी आ गए जिनमे तल्खी का सामना  करना पड़ा लेकिन जीवन है और उसके सतरंग. कल मुझे आमंत्रण मिला पहला अहसास से जुड़ने का, धन्यवाद इस नयी शुरुआत से जुड़ने का .